पानी की समस्या आज एक आम समस्या बन चुकी है | हमारे देश की नदियों को ही देख लीजिये ,आज इनकी हालत बद से बत्तर होती जा रही है | हर तरफ सूखे जैसा माहोल बनता ही जा रहा है | हमारी सरकार हर एक गाँव में मानव निर्मित तालाबों का निर्माड करा चुकी है पर उसके पास उसमे भरने के लिये पानी नहीं है | आखिर सरकार के सामने ये विषमता क्यों आ रही है ?
आज इस समस्या का सबसे बड़ा कारन कोई और नहीं हम खुद ही हैं | मेरे छोटे से शहर लहरपुर में अगर आप देखें तो यहाँ तो आप को हकीकत का अंदाज़ा आसानी से हो जायेगा | यहाँ आस पास के छेत्रों में पेड़ों की बहुत बेदर्दी से कटाई हो रही है वो भी पता नहीं की कब से |पर जिला प्रशासन पैसा खा कर चुप चाप बैठा है,जैसे की कुछ जनता ही न हो |
अगर यहाँ के ये हालत हैं तो आपको सोचने में ज्यादा देर नहीं लगनी चाहिए की यही हलालत आज पूरे भारत में भी होंगे,शायद की इसमें गुंजाईश वाली कोई बात ही नहीं है | मैं सिर्फ इतना ही कहना चाहता हूँ की आज पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, अनेक तरह के प्रदूषण, वृक्षा रोपण में आई गिरावट तथा पानी का गलत ढंग से प्रयोग एवं जल स्त्रोतों में फालतू के चढ़ावे वाले ढोंगों को हमें रोकना चाहिए |
अगर आप या हम सब ऐसा न कर पायें तो वो दिन दूर नहीं जिस दिन हमे पानी की कीमत आपनी या अपने किसी परिवार जन की म्रत्यु से चुकानी पड़ेगी | कृपया एक कदम बढ़ाये.....
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